तकनीकी कक्ष

राजभाषा विभाग के तकनीकी कक्ष की स्थापना 25 अक्तूबर, 1983 को की गई थी । यह प्रभाग विभाग में राजभाषा नीति के कार्यान्वयन हेतु सूचना प्रौद्योगिकी से संबंधित कार्यों को देखता है ।

प्रभाग के मुख्य कार्य निम्न प्रकार हैं-

()    केंद्रीय सरकार के कार्यालयों, राष्ट्रीयक्रत बैंकों, उपक्रमों आदि में हिंदी के प्रगामी प्रयोग को  बढाने हेतु सॉफ्टवेयर का विकास ।

()    केंद्रीय सरकार के कार्यालयों, राष्ट्रीयक्रत बैंकों, उपक्रमों आदि के कर्मचारियों को कंप्यूटर का प्रयोग बढाने हेतु उनके कार्यस्थल पर  कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करवाना ।

(कार्यान्वयन प्रभाग द्वारा आयोजित क्षेत्रीय सम्मेलनों के अवसर पर तकनीकी संगोष्ठियां आयोजित करवाना, जिसमें सरकारी तथा निजी क्षेत्र की कंपनियों द्वारा हिंदी सॉफ्टवेयर के उत्पाद तथा सेवाओं का प्रदर्शन करवाना । कंपनियों द्वारा अपने त्पाद/सेवा का प्रदर्शन प्रयोगकर्ताओं संस्थाओं के साथ समन्वय बनाने हेतु किया जाता है तथा समस्याओं का निदान भी किया जाता है।

राजभाषा विभाग द्वारा सी-डैक, पुणे के माध्यम से सॉफ्टवेयर विकसित करवाना ।

1.     लीला (LILA-लर्न इंडियन लैंग्वेज थ्रू आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस) प्रबोध, प्रवीण एवं प्राज्ञ स्तर की हिंदी वर्ल्ड वाइड वैब पर अंग्रेजी, कन्नड़, मलयालम, तमिल, तेलुगु, बंगला, असमी, मणिपुरी, मराठी, उड़िया, पंजाबी, नेपाली, कश्मीरी तथा गुजराती माध्यम से सीखने हेतु     सॉफ्टवेयर

2.    मंत्र-राजभाषा (मशीन साधित अनुवाद) भारत के संघ के सरकारी पत्राचार दस्तावेज अंग्रेजी से हिंदी     में प्रशासनिक, वित्त, कृषि, लधु उद्योग, सूचना प्रौद्योगिकी तथा स्वास्थ्य सुरक्षा डोमेन में    अनुवाद करवाने हेतु । मंत्र-राजभाषा इंटरनेट, इंटरानेट तथा स्टैंडलोन वर्जन में उपलब्ध है । मंत्र-राजभाषा स्टैंडलोन वर्जन  के दो वर्जन में (क) Microsoft SQL के साथ तथा (ख) MySql के साथ ।

3.   श्रुतलेखन-राजभाषा - हिंदी में श्रुतलेख (डिक्टेशन) देने का सॉफ्टवेयर है । यह स्पीच से टैक्स्ट    सिस्टम,   जोकि स्वय संपादन तथा सिस्टम ट्रे प्लग-इन-टू-वर्ड आदि के साथ उपलब्ध है ।